पानी और उसका बुलबुला एक ही चीज है। उसी प्रकार जीवात्मा और परमात्मा एक ही चीज है, फर्क यह है कि एक परिमित है, दूसरा अनंत; एक परतंत्र है, दूसरा स्वतंत्र। - रामकृष्ण परमहंस